
जमशेदपुर: जिला प्रशासन की ओर से माइकल जॉन सभागार, बिष्टुपुर में जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया. इस समारोह में वर्ष 2024-25 में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में जिले के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री रामदास सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. साथ ही उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
इस विशेष समारोह में झारखंड अधिविद्य परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के विज्ञान, वाणिज्य और कला संकायों के टॉप 5 विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया.
शिक्षा के बिना समाज की कल्पना अधूरी : मंत्री रामदास सोरेन
अपने प्रेरक संबोधन में मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि शिक्षा ही वह आधार है जिससे कोई समाज, राज्य और देश आगे बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि पहले हमारे समाज में विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को लेकर जागरूकता की कमी थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं.
मंत्री ने बताया कि मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से आदिवासी विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई का अवसर शत-प्रतिशत सरकारी खर्च पर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में नए कॉलेज और आवासीय विद्यालयों की स्वीकृति दी जा रही है ताकि दूरदराज के बच्चे भी शिक्षा से वंचित न रहें.
उपायुक्त बोले- सफलता में विनम्रता हो, तभी बनेगी पहचान
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सभी सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता एक पड़ाव है, अंतिम लक्ष्य नहीं. उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत और मूल्यों को बनाए रखते हुए लगातार आगे बढ़ना ही सच्ची उपलब्धि है.
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार के सहयोग या मार्गदर्शन की आवश्यकता हो, तो जिला प्रशासन आपके साथ खड़ा है.
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