
पटना: बुधवार को बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी बहस हुई.
तेजस्वी यादव ने विशेष समेकित पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एसआईआर के विरोध में नहीं हैं, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया को अनुचित मानते हैं.
तेजस्वी ने खड़े किए गंभीर सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि 2003 से अब तक चुनाव इसी आधार पर हो रहे हैं. क्या अब तक हुए चुनाव गलत थे? क्या नीतीश कुमार फर्जी तरीके से मुख्यमंत्री बने हैं?
उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और पूछा कि जब चुनाव आयोग ने यह कहा कि वेरिफिकेशन में कोई घुसपैठिया नहीं मिला, तो बीजेपी कैसे कह सकती है कि घुसपैठिए पाए गए हैं?
नीतीश कुमार का पलटवार: “तुम बैठो पहले…”
तेजस्वी यादव की बातों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हो गए और तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा, “तुम्हारे माता-पिता के राज में क्या होता था? बिहार की स्थिति कैसी थी, सबको पता है. 2005 के बाद क्या बदला है, ये भी देखो.”
नीतीश ने आगे कहा कि उनके कार्यकाल में महिलाओं के लिए कई ठोस कदम उठाए गए. 2005 से पहले ऐसी कोई पहल नहीं हुई थी.
तेजस्वी को बताया ‘बच्चा’, सदन में हंगामा
मुख्यमंत्री ने तेजस्वी को ‘बच्चा’ कहकर संबोधित किया और कहा, “पहले कोई शाम में बाहर नहीं निकलता था. कितना बुरा हाल था.”
इस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने हंगामा किया और सदन का माहौल तनावपूर्ण बन गया. दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से सदन में बहस उग्र हो गई.
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