
सरायकेला: चांडिल स्थित सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के जलाशय का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने इसके आठ रेडियल गेट एक-एक मीटर खोल दिए। इससे सुवर्णरेखा और खड़काई नदियों में जलप्रवाह तेज हो गया। पूर्वी सिंहभूम जिले के जुगसलाई स्थित इस्लामनगर में अचानक पानी घुसने से अफरा-तफरी मच गई और कई घर जलमग्न हो गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। मज़हरुल बारी और सज्जाद हुसैन के नेतृत्व में टाटा स्टील की सुरक्षा टीम और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के सहयोग से अभियान चलाया गया। पानी का स्तर 15 से 20 फीट तक पहुंच गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई।
स्थानीय लोगों ने खुद को एल्वेस्टर (लोहे की ऊंची फ्रेम संरचनाएं) पर सुरक्षित करने की कोशिश की, लेकिन बढ़ते दबाव से वे भी टूटने लगे। स्थिति अत्यंत भयावह हो गई थी, जिसके बाद सैकड़ों लोगों को ऊंची इमारतों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि से पूर्वी सिंहभूम जिला एक बार फिर बाढ़ के खतरे की चपेट में आ गया है। नावों की कमी के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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