सरायकेला: विश्व आदिवासी दिवस पर आसनबनी पंचायत के सालतल और पुड़िसिली में तथा चांडिल अनुमंडल के रामगढ़ में श्रद्धांजलि और सामूहिक भोज का आयोजन हुआ। इन कार्यक्रमों में आदिवासी समाज के महानायक स्व. शिबू सोरेन (गुरुजी) को याद किया गया और आदिवासी एकता का संदेश दिया गया। Satya Narayan Socio Economic & Research Centre के सदस्यों ने रामगढ़ में गुरुजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके संघर्ष, त्याग और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम के तहत आदिम जनजातियों के लिए खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। इसमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी ने मिलकर भोजन का आनंद लिया।
संगठन के सचिव डॉ. सत्य नारायण मुर्मू ने कहा, “गुरुजी का सपना था कि आदिवासी समाज शिक्षित, नशा मुक्त, संगठित और स्वाभिमानी बने। आज का दिन पूरी तरह गुरुजी को समर्पित रहा और हम उनके बताए रास्ते पर चलने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”
इस मौके पर विकाश मुर्मू, सत्य रंजन सोरेन, गुरु चरण लोहार, मंगल पहाड़िया, ग़ुरबा पहाड़िया, चैतन्य, गुरुराम, सुखदेव पहाड़िया, माझी बाबा बाबूराम टुडू, नाईक बाबा, राधु सोरेन, सुषेण सोरेन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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