आजादी के सात दशक बाद भी सारसे गांव में आज तक नहीं बन पाई पक्की सड़क
जमशेदपुरः झालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर की टीम शनिवार को पोटका प्रखंड के सुदूर गांव एवं ओडिशा के बॉर्डर पर स्थित सारसे गांव पहुंची. डालसा टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को कानून के प्रति जागरूक किया. इस दौरान ग्रामीणों को साईबर क्राइम, घरेलू हिंसा , शिशु प्रोजेक्ट , मानव तस्करी , बाल विवाह , बाल श्रम , दहेज प्रथा, डायन प्रथा आदि कई तरह के कानून की जानकारी दी गई. साथ ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया गया.
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ग्रामीणों ने डालसा टीम को बताया कि यह अत्यंत पिछड़ा गांव है, जहां अधिकांशतः संथाल (सिंह सरदार) समुदाय के लोग निवास करते हैं. लेकिन आजादी के बाद से यह गांव काफी उपेक्षित रहा है. गांव में आज तक आवागमन के लिए पक्की सड़क तक नहीं बन पाई है. जागरूकता अभियान में डालसा पीएलवी नागेन्द्र कुमार, डोवो चकिया, चयन मंडल , शंकर गोराई, माधवी कुमारी, प्रभात सिंह सरदार , छक्कु मांझी , मीरा मंडल, सुबोध प्रसाद, सुरज कुमार, अनिल कुमार शर्मा , अमरजीत के अलावा आदेशपाल दिनेश साधु उपस्थित थे.