
जमशेदपुर: दयानंद पब्लिक स्कूल ने अपने इको क्लब की पहल पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल परिसर में वृक्षारोपण अभियान से हुई। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की रक्षा की जिम्मेदारी का संदेश देती है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्कूल में बनाए गए जैविक अपघटन गड्ढे रहे। इसमें भोजन के अवशेष, फलों के छिलके, सूखे पत्ते और अन्य जैविक कचरे को डालकर खाद बनाई जाएगी। इस पहल से छात्रों को कचरे के पृथक्करण और पुनर्चक्रण का महत्व सिखाया जाएगा, साथ ही लैंडफिल पर दबाव भी घटेगा।
स्कूल परिसर को “नो प्लास्टिक ज़ोन” घोषित कर अभियान को और मजबूत किया गया। इसके साथ ही “प्लास्टिक प्रतिबंध – पृथ्वी बचाएँ” विषय पर नारा लेखन और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी दोनों को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में शिक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञान तनेजा और उपाध्यक्ष राजीव तलवार ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की। ज्ञान तनेजा ने कहा कि सच्ची शिक्षा तभी पूरी मानी जाएगी जब उसमें पर्यावरणीय जागरूकता शामिल हो। राजीव तलवार ने कहा कि स्कूल व्यावहारिक गतिविधियों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित कर रहा है।
दिन का समापन छात्रों द्वारा शपथ लेने के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने पर्यावरण की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और पर्यावरण–अनुकूल आदतों को अपनाने का संकल्प लिया।
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