देवघर: श्रावणी मेले में कांवरियों की सुरक्षा व सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शिवगंगा सरोवर में 24 घंटे राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की तैनाती की है। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि शिवगंगा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने के उद्देश्य से एनडीआरएफ की 34 सदस्यीय टीम को प्रतिनियुक्त किया गया है।
टीम दिन-रात मोटरबोट के माध्यम से शिवगंगा की सतत निगरानी करेगी। साथ ही, बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में भी एनडीआरएफ की मेडिकल टीम मौजूद रहेगी, जो श्रद्धालुओं की चिकित्सकीय जरूरतों को पूरा करेगी।
अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित जवान
एनडीआरएफ की टीम को नई रबर की नौकाएं, लाइफ जैकेट्स, गोताखोरों का विशेष दल, मेडिकल किट व अन्य आपदा-निवारक संसाधनों से लैस किया गया है। इनकी तैनाती पूर्वनिर्धारित स्थानों पर की गई है, ताकि घटनास्थल तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त, भीड़ को देखते हुए टीम में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग असिस्टेंट भी शामिल किए गए हैं, जो श्रावण मास में लाखों श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग में निरंतर सक्रिय हैं।
डीसी लकड़ा ने कहा कि शिवगंगा की गहराई व भारी भीड़ को देखते हुए दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में एनडीआरएफ की 24×7 सक्रियता श्रद्धालुओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और अनावश्यक भीड़भाड़ से बचें।
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