जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ ने हाल ही में लगाए गए निराधार आरोपों की निंदा की। संघ का कहना है कि इन आरोपों के जरिए विश्वविद्यालय की साख और छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
विश्वविद्यालय में वर्तमान में 57 स्थायी शिक्षक के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से सिर्फ 23 शिक्षक ही कार्यरत हैं। शिक्षक NEP 2020 के तहत शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इनमें से कई शिक्षक प्रशासनिक पदों पर भी सेवा दे रहे हैं।
संघ ने स्पष्ट किया कि सभी सत्र नियमित रूप से चल रहे हैं और कुछ दिनों से परीक्षा विभाग के वरीय शिक्षक को केंद्र में रखकर समाचारों के माध्यम से कई तरह के दोषारोपण किए जा रहे हैं।
शिक्षक संघ ने बैठक में सभी शिक्षकों के साथ चर्चा की और पूर्व कुलसचिव एवं अन्य शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया। संघ ने कहा कि ईमानदारी से सेवा दे रहे शिक्षकों पर यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और ऐसे खबरों की वे भर्त्सना करते हैं।