झाड़ग्राम: जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने आज अपने केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो के नेतृत्व में झाड़ग्राम जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा. इन मांगों में वर्षों से उपेक्षित क्षेत्रीय समस्याएं, विकास कार्यों की कमी और बुनियादी जरूरतों को प्रमुखता दी गई है. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि झाड़ग्राम और आसपास के जंगलमहल क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए ये मांगें आवश्यक हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से इन पर शीघ्र अमल की अपेक्षा जताई है, खासकर तब जब मुख्यमंत्री स्वयं जिले के दौरे पर आ रही हैं.
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मांग पत्र की कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- एम्स की स्थापना की मांग की गई है ताकि इलाके में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकें.
- इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूलों में स्थायी योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की ज़रूरत जताई गई है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके.
- मानव-हाथी संघर्ष का स्थायी समाधान और प्रभावितों को समय पर मुआवज़ा देने पर ज़ोर दिया गया है.
- झाड़ग्राम नगर में एक सरकारी छात्रावास की मांग है, ताकि दूरदराज़ से आने वाले ग्रामीणों को इलाज या अन्य कारणों से रुकने में सहूलियत हो.
शहरी गरीबों को जमीन का पट्टा, मानसून में जलभराव की समस्या का समाधान, आदिवासी सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और भविष्यत क्रेडिट कार्ड योजना के तहत युवाओं को आर्थिक सहायता जैसे मुद्दे भी प्रमुख रूप से उठाए गए हैं.
इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण के साथ स्थानीय लोगों को उद्योगों में प्राथमिकता, सरकारी भूमि की रक्षा, प्रवासी श्रमिकों की योजनाओं में जागरूकता, सड़क मरम्मत और संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर वेतन देने जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया है.
अशोक महतो ने कहा कि अगर सरकार इन मांगों को गंभीरता से ले और जल्द निर्णय ले, तो जंगलमहल के लोगों का जीवन बदल सकता है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे इन मांगों को केवल कागज़ पर न रखें, बल्कि ज़मीनी हकीकत में बदलें.
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