देवघर: देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड स्थित जमुनियां राजकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद 24 से अधिक छात्र-छात्राएं अचानक बीमार हो गए। भोजन के कुछ समय बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने जैसी समस्याएं होने लगीं।
त्वरित उपचार और अस्पताल में भर्ती
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने 108 एम्बुलेंस की सहायता से सभी बच्चों को देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया। कुल 26 बच्चों को प्राथमिक उपचार हेतु भर्ती किया गया।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रभात रंजन ने जानकारी दी कि सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और कोई गंभीर खतरे में नहीं है।
भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची और मौके पर जांच शुरू की गई। मिड-डे मील के भोजन के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में भोजन की गुणवत्ता पर संदेह जताया गया है।
राज्य भर में भोजन की गुणवत्ता की होगी जांच
घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सभी सरकारी विद्यालयों में वितरित किए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों द्वारा खाद्य सामग्री, भंडारण और आपूर्ति प्रक्रिया की गहन समीक्षा की जाएगी।
अभिभावकों का गुस्सा और लापरवाही के आरोप
घटना के बाद कई अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं है।
विद्यालय को मिड-डे मील की आपूर्ति करने वाला नियमित आपूर्तिकर्ता है और इससे पूर्व ऐसी कोई शिकायत नहीं दर्ज की गई थी।
सरकार से सख्त कदमों की मांग
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।
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