
गुवा: नोआमुंडी स्थित टाटा स्टील आयरन माइन में इस वर्ष वन महोत्सव सप्ताह के अवसर पर 20,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य तय किया गया है. यह महज एक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, पारिस्थितिकी सुरक्षा और भावी पीढ़ियों को स्वच्छ जीवन देने का एक दूरगामी प्रयास है.
टाटा स्टील नोआमुंडी के महाप्रबंधक अतुल भट्टनागर ने कहा, “वन महोत्सव केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि यह पर्यावरण को संवारने, भविष्य को सुरक्षित करने और जीवन को हरा-भरा रखने का महाअभियान है.”
माइनिंग क्षेत्र में पर्यावरण सुधार और डंप प्रबंधन के तहत पहले सप्ताह में ही लगभग 3,000 पौधों का रोपण वेस्ट डंप एरिया में किया गया. इसके अतिरिक्त, पूरे वन महोत्सव सप्ताह के दौरान 6,000 स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपे गए. यह प्रयास न केवल धूल प्रदूषण में कमी लाने हेतु है, बल्कि डंप स्लोप पर हरियाली बढ़ाने के लिए भी है.
डंप प्रबंधन की प्रक्रिया में हरियाली लौटाना खनन क्षेत्रों के लिए बेहद आवश्यक है. यह मृदा कटाव को रोकने, धूल नियंत्रण करने, स्थानीय जलवायु को संतुलित करने और जैव विविधता को बढ़ाने का प्रभावशाली उपाय है.
अभियान बागवानी अनुभाग के निर्देशन में, खनन विभाग, पर्यावरण टीम और श्रमिकों की भागीदारी से जनसहभागिता अभियान का स्वरूप ले चुका है.
महाप्रबंधक अतुल भट्टनागर ने कहा, “भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है. जल, वायु, पर्वत, वृक्ष और जलाशयों को हम माँ के रूप में देखते हैं. यह अभियान उसी सांस्कृतिक चेतना का विस्तार है.”
अभियान के दौरान आयोजित जागरूकता सत्र में कर्मचारियों को प्रेरित किया गया कि वे एक जिम्मेदार नागरिक की तरह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं. साथ ही पौधों की देखभाल को भी उतना ही आवश्यक बताया गया जितना उनका रोपण.
पर्यावरण विभाग, प्रबंधन, श्रमिक यूनियन और सभी कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से यह 20,000 पौधों का लक्ष्य न केवल एक हरित विरासत का निर्माण करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा, हरियाली और एक स्वस्थ जीवन का वरदान भी देगा.
इसे भी पढ़ें : West Singhbhum: वाहन चालकों का न्यूनतम मजदूरी का भुगतान कराएं अन्यथा होगा आंदोलन- हेमराज सोनार