चांडिल : सरायकेला जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र के झिमड़ी गांव में लव जिहाद और निकाह के विरोध में आक्रोश और आगजनी की घटना के बाद 163 धारा लगा दिया गया है । इससे ग्रामीण दहशत में है। सभी दुकानों में ताला लगा हुआ है। घटना के पांचवें दिन भी मार्केट नहीं खुला भय के कारण जनजीवन अस्त वस्त देखा गया ।
न्यायालय में बयान लिया और मेडिकल कराया गया

रीता महतो की शादी आषाढ़ माह के दो तारिख को होने वाली थी। इसे पूर्व तस्लीम अंसारी द्वारा अपहृत गुरुवार को अगवा करके ले गया ,पुलिस द्वार रविवार को बरामदगी किया गया। सोमवार को न्यायालय में बयान लिया और मेडिकल कराया गया। मंगलवार को सामुदायिक भवन जिम्ड़ी में बैठक हुआ ।जिसमें ग्रामीणों के बीच स्पष्ट वार्ता किया गया। जल्द बेटी वापस आएगी पूछा गया। आपनाने के लिए ग्रामीण राजी है। लेकिन घटना के सातवें दिन हो गया । अबतक मां को सुपूत नहीं किया गया बेटी ।पुलिस की नजरों में रखा गया ।
कौन है रीता महतो

झिमडी गांव के निवासी स्व० बेनुपद महतो की बेटी है । विधवा पत्नी ऊषा महतो ओर सास नारो महतो के मौत के बाद असहाय परिवार खेती बाड़ी ओर दूसरों के घरों में काम करके दो बेटी और बेटा को पालन किया ।दोनों बेटी को शिक्षित कराया उसके प्रश्चात पहली बेटी की शादी कराया गया। दूसरी बेटी रीता महतो को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नीमडीह में 2024 बर्ष में इंटर की परीक्षा दिलवा था । उसके बाद गांव में रीता रहने लगी । तस्लीम अंसारी का हॉट तोला में घर है । मां कभी-कभी बच्चे की तबियत खराब रहने पर झाड़फुख करने के लिए, उसके घर ले जाती थी। जिसका फायदा उठा कर तसलीम अहमद ने उसपर जादू किया था। कुछ असर नहीं होने पर उसको गुरुवार की रात्रि उसे घर से उठाकर ले भगा । जिसकी सूचना नीमडीह पुलिस को दी गई । एक्शन नहीं लिया जाने के कारण हिंदू समुदाय के लोग जिला प्रशासन पर दबाव बनाने लगे । परंतु हल्ला करते ग्रामीणों पर एक-एका लाठी चार्ज किया गया । जिसे उग्र और आक्रोशित लोगों ने आग लगा दिया ।
मोहम्मद रकीब साईं ने दिया बड़ा बयान

रकीब ने कहा कि शकील अंसारी पिता स्व ० लीलू साईं जो पश्चीम बंगाल व गया के रहने वाले उनके द्वारा झीमढ़ी हॉट टोला में सरकारी जमीन को अवैध रूप से कब्जा करके घर बनाया गया । मंगलवार को त्रिपक्षीय वार्ता में श्री साईं ने उक्त बैठक में प्रशासन के सामने प्रश्न खड़ा कर दिया । खुले आम बयान जारी किया ,आज उन परिवार द्वारा बार-बार हिंदू बेटी बहन के ऊपर अत्याचार किया जा रहा है। जो जांच का विषय है।
ईचागढ़ के पूर्व विस प्रत्याशीयों के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश

झिमड़ी में शनिवार को जो घटना हुआ उसके बाद घटना में संलिप्त के आरोप में नीमडीह पुलिस ने हिंदू समुदाय के 28 नामजद व अन्य 100 लोगों के उपर केस दर्ज किया। जिसमें तीन महिला समेत आठ लोगों को पुलिस जेल भेज दिया। इस घटना से पीड़ित लड़की के परिवार एवं जेल भेजे गए लोगों के परिवार से कोई भी राजनीतिक दल के नेता मिलने नहीं पहुंचे।
ग्रामीणों में आक्रोश है

जिसके कारण विगत विधान सभा चुनाव के 18 हिंदू प्रत्याशी सविता महतो, हरेलाल महतो, तरुण महतो, अरविंद कुमार सिंह ऊर्फ मलखान सिंह, आशुतोष महतो, अनूप कुमार महतो, खगेन महतो, आशुदेव महतो, कल्याण चंद्र सिंह, सुधाकर सिंह, तुलसीदास महतो, शम्भू गोराई, बृहस्पति सिंह सरदार, श्याम भारती प्रजापति, पृथ्वीनाथ महतो, प्रवेश कुमार, मनु दत्ता व रामहरि गोप के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि धारा 163 के तहत पांच लोगों से उपर एक जगह जमा नहीं होना है तो पूर्व प्रत्याशीयों के एक दो सहयोगी को दूर रखकर स्वयं पीड़ित परिवार का हालचाल जानने नहीं आ सकते है। ग्रामीणों का कहना है कि नेता लोग अपनी शक्ति व दौलत वृद्धि करने के लिए चुनाव लड़ते है। विधान सभा क्षेत्र के जनता की दुःख दर्द से उन लोगों को कोई लेना देना नहीं है।
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