सरायकेला: राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत आज उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में स्वयं निर्धारित औषधि का सेवन कर लोगों को इसके महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे भी इस दवा का सेवन कर इस रोग के उन्मूलन में सहयोग दें।
उपायुक्त ने बताया कि फाइलेरिया, जिसे हाथीपाँव भी कहा जाता है, मच्छरजनित एक दीर्घकालिक रोग है, जो शरीर के विभिन्न अंगों में स्थायी सूजन पैदा कर सकता है। इसका स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन समय पर दवा लेने और आवश्यक सावधानियां अपनाने से इस बीमारी से बचाव और नियंत्रण संभव है।
उन्होंने कहा कि सामूहिक औषधि सेवन अभियान (MDA) के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर या औषधि वितरण केंद्रों के माध्यम से यह दवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी को इसका सेवन करना चाहिए।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि दवा का सेवन स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख में ही करें, घर व आसपास पानी जमा न होने दें, और मच्छरदानी या अन्य मच्छररोधी उपायों का नियमित इस्तेमाल करें।
उपायुक्त ने कहा कि “फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास और जनसहभागिता बेहद जरूरी है।” उन्होंने सभी प्रखंड अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि लक्षित लाभुकों में 100% औषधि सेवन सुनिश्चित कराया जाए।
इस मौके पर प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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