बुंडू: झारखंड राज्य किसान सभा ने सोमवार को बुंडू अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि उन्हें 266 रुपए की तय कीमत की बजाय 550 से 600 रुपए प्रति बोरा यूरिया खरीदना पड़ रहा है। राहे, सोनाहातु, बुंडू, सिल्ली और अनगड़ा इलाके के किसानों का आरोप है कि दुकानदारों को पर्याप्त यूरिया नहीं मिल रहा और कालाबाजारी के कारण कीमतें आसमान छू रही हैं।
ज्ञापन में क्या है मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि धान की खेती के इस मौसम में किसानों को पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराया जाए और अधिक दाम वसूलने पर रोक लगे।
इस दौरान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो, किसान परिषद सदस्य बिसंबर महतो, जिला परिषद सदस्य उमेश महतो, रतन महतो, जयपाल सिंह मुंडा, पाबूराम मुंडा, लोधरो मुंडा और जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष रंगोवती देवी मौजूद रहीं।
राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा— “अन्नदाता दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर यूरिया, बीज, कीटनाशक और कृषि औजार महंगे हो रहे हैं, वहीं एमएसपी की कानूनी गारंटी न होने से उन्हें फसल सस्ते दामों पर बेचनी पड़ रही है।”
“सरकार किसानों को आधा से भी कम यूरिया उपलब्ध करा रही है और प्रतिनिधि मौन दर्शक बने हुए हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की बदहाली से आत्महत्याएं बढ़ रही हैं और मोदी सरकार का 2021 का लिखित समझौता अब तक लागू नहीं हुआ है।
किसान सभा ने घोषणा की है कि 1 से 15 सितंबर तक राज्यभर के सभी प्रखंड मुख्यालयों के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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