लेह: लेह में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। प्रशासन ने हालात को देखते हुए कई प्रतिबंधों में ढील दी है। सोमवार से जिले में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल दोबारा खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही दुकानों को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी गई है।
प्रशासन ने अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं को भी चालू करने की मंजूरी दे दी है। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर गुलाम मोहम्मद की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे और ढील दी जाएगी। इससे पहले कक्षा 8 तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति मिल चुकी थी।
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता हालात की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। वे हर दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की सुरक्षा स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा जताया है कि आम जनजीवन जल्द पूरी तरह पटरी पर लौट आएगा।
हालांकि, इंटरनेट सेवाएं अब भी निलंबित हैं। प्रशासन ने मंगलवार, 7 अक्तूबर तक इन सेवाओं को स्थगित रखा है। शाम को स्थिति की समीक्षा के बाद ही इंटरनेट बहाल करने पर फैसला लिया जाएगा। इंटरनेट बंद रहने से आम नागरिकों, विशेषकर छात्रों को पढ़ाई और जरूरी कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लेह हिंसा की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश के बावजूद अब स्थानीय लोग न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासी जे. अंगमो ने कहा कि हिंसा की जांच किसी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच को पारदर्शी न बताते हुए असंतोष जताया।
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