Saraikela: आदित्यपुर में आयोजित हुआ प्रथम अंतर्राष्ट्रीय महाली आदिवासी दिवस, सूर्य सिंह बेसरा सम्मानित

सरायकेला: सरायकेला जिला के आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय माहली आदिवासी दिवस का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. डी. सी. राम माहली उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय महासचिव मनोरंजन माहाली ने संभाला।

इस कार्यक्रम में भूटान देश के प्रतिनिधि शिव दयाल माहली के अलावा भारत के चार राज्यों — असम, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और झारखंड — से लगभग डेढ़ हजार प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान “माहली कस्टमरी लॉ” पारित की गई और 11 सूत्री घोषणा पत्र अंगीकृत किया गया। इसमें भारत के संविधान में आदिवासियों के लिए प्रावधान और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 9 अगस्त आदिवासी दिवस को भी शामिल किया गया। इसके अलावा, आगामी जनगणना के मद्देनजर आदिवासियों के लिए “सरना धर्म कोड” बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित समाज के मान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इसमें शामिल थे: डॉ. (प्रोफेसर) सामु माहली, प्राचार्य सीतानंद कॉलेज, नवेंदु माहली, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंती बेसरा, केंद्रीय सचिव रेशमा माहली, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामलाल माहली, रमेश कुमार माहली, अमित कुमार माहली, गोपीनाथ माहली, डुग्गू माहली, झारखंड राज्य कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र बेसरा, महासचिव इंद्र हेंब्रम, उपाध्यक्ष कानू राम हेंब्रम, सचिव ईश्वर सोरेन, प्रकाश हेंब्रम, कोषाध्यक्ष रवि माहली।

इसके अलावा भारत दिशोम माहाली माझी पारगना माहाल की ओर से भारत दिशोम पारगना बाबा विश्वनाथ सरेन, भारत दिशोम माझी बाबा प्रधान सोरेन, असम राज्य के पोनोत पारगाना उत्पल माहली, पश्चिम बंगाल के पोनोत पारगाना महादेव सोरेन, उड़ीसा राज्य के पोनोत पारगाना लक्ष्मण माहली और झारखंड राज्य के पोनोत पारगाना कानू राम मार्डी भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर (आईमा) के संस्थापक सूर्य सिंह बेसरा को धारती सिंह चांदो की उपाधि से सम्मानित किया गया। वहीं संस्थापक नयन चांद हेंब्रम को तेरेदेज मार्शल चांदो की उपाधि से विभूषित किया गया। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में “माहली आईकॉन” के तहत प्रतिभाशाली व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें अमेरिका की अवार्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त पहली महिला महाली समाज की नितिशा बेसरा और जर्मनी में प्रतिनिधित्व करने वाली मालोति हेंब्रम शामिल थीं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख भूमिका निभाने वालों में इंद्र हेंब्रम, ईश्वर हेंब्रम, प्रकाश हेंब्रम, जवाहरलाल माहली, रवि माहली, रामचंद्र बेसरा आदि थे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। भारत दिशोम माझी बाबा के नेतृत्व में छामड़ाघुड्डू गांव और भारत दिशोम पारगना बाबा के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के नृत्य एवं संगीत दल ने शानदार प्रस्तुति दी।

आयोजन में सहयोग के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन को विशेष धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम के अंत में कुंती बेसरा और रेशमा माहली ने आयोजकों को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी।

 

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