जमशेदपुर : क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने शहर के उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण के मुख्य साजिशकर्ता के मददगार सफेदपोश चेहरों को वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय बेनकाब करे। उन मददगार को जेल ही नहीं भेजना चाहिए बल्कि उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रशासन के भांति बुलडोजर जैसी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और साक्ष्य छुपाने की ही नहीं बल्कि राष्ट्र विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। जिससे अपराधियों को सबक मिले और भविष्य में इस तरह के अपहरण कांड के बारे में सोचने से पहले उसकी रूह कांप जाए। शहर का सिख जिला पुलिस प्रशासन के साथ है और उसके हर कार्रवाई का स्वागत करेगा। कोई भी सिख यह बर्दाश्त नहीं करेगा कि पगड़ी में दाग लगे या उसे शक की नजर से देखा जाए।
कुलबिंदर सिंह के अनुसार शहर में 90 के दशक की स्थिति नहीं आने देनी चाहिए। उस दशक में पंजाब से आकर आतंकी समूह के सदस्यों ने मानगो के एक सिख उद्यमी के बेटे का अपहरण किया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक परवेज हयात के नेतृत्व में पुलिस ने कठोर कार्रवाई की। नतीजा हुआ कि उद्यमी का बेटा अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त ही नहीं हुआ बल्कि उसके बाद पंजाब के किसी आपराधिक समूह की जमशेदपुर आने की हिम्मत नहीं हुई।
कुलबिंदर सिंह के अनुसार मददगार कितना भी रसूखदार हो, उसे सबक सिखाया ही जाना चाहिए।
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