प्रयास जारी रखे बांग्ला भाषा को पहचान अवश्य मिलेगी : अरुण मुंडा
जादूगोड़ा : विलुप्त होती मातृ भाषा बांग्ला को जीवंत रखने के लिए बांग्ला एकेडमी के गठन की मांग बंगभाषी उन्नयन समिति ने की. इस संबंध में समिति का एक प्रतिनिधिमंडल पोटका के बीडीओ अरूण मुंडा से मिला. इस दौरान उन्हें मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा. समिति का मानना है कि भाषा जीवंत रहने से बंग भाषियों की पहचान बनी रहेगी. समिति ने मुख्यमंत्री से स्कूलों में बंगला भाषा की पढ़ाई पुनः प्रारंभ करने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व जिला परिषद सदस्य करुणामय मंडल, राज कुमार गुप्ता, सुनील डे व शंकर चंद्र गोप, मृणाल कांति पाल, राज कुमार गुप्ता,कृष्णों पदों मंडल, संजय साहू, प्रतिमा मंडल, शरद चंद दास, तपन मण्डल, सुधीर सरदार ने कहा कि झारखंड में बांग्ला भाषा मृत्य की ओर अग्रसर है. इसे बचाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गुहार लगाई गई है. उन्होंने कहा कि झारखंड में 82 प्रतिशत लोग बांग्ला बोलते हैं. जबकि हालत यह है कि किताब व संसाधन के अभाव में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई ठप्प है। इसे बचाने के लिए झारखंड सरकार बांग्ला भाषा एकेडमी का गठन करे. यह भाषा नहीं बची तो आने वाली पीढ़ी की पहचान मिट जायेगीं. इस बाबत पोटका बी डी ओ अरुण मुंडा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इसी तरह का आप लोगों का प्रयास जारी रहेगा तो बांग्ला भाषा को आने वाले दिनों में अपनी पहचान जरूर मिलेगी
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