जमशेदपुर : कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रताप कुमार यादव ने बयान जारी कर कहा कि छात्र हितों को लेकर रांची में चल रहे शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं एवं बाहर से बुलाए गए उपद्रवियों द्वारा जिस तरह बाधित कर उसे हिंसक बनाने का प्रयास किया गया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
अपने कथित कुकर्मों और छात्र आंदोलन के दौरान की गई उपद्रवी गतिविधियों से जनता का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा बंद बुलाया गया था। लेकिन झारखण्ड की जनता ने भाजपा के इस बंद को पूरी तरह नकार दिया। बंद पूरी तरह विफल रहा और आम जनता ने भाजपा की इस निन्म स्तरीय राजनीति को अपना समर्थन नहीं दिया।
छात्र आंदोलन के लगभग तीन घंटे तक शांतिपूर्ण ढंग से चलने के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं के आंदोलन में प्रवेश करने और उपद्रव करने से स्थिति बिगड़ी।
भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि वह छात्र हितों के प्रति वास्तव में गंभीर है, तो शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन में बाधा डालने और माहौल खराब करने की जरूरत क्यों पड़ी? लोकतांत्रिक आंदोलनों में असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करना और उसे हिंसक रूप देने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
यह बंद छात्र हितों के समर्थन में नहीं, बल्कि अपने ऊपर उठ रहे सवालों और छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं से जनता का ध्यान भटकाने का राजनीतिक प्रयास था। लेकिन जनता ने भाजपा की इस राजनीति को समझ लिया और बंद को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को दबाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को मजबूती से उठाया जाता रहेगा और आंदोलन को बदनाम करने अथवा राजनीतिक स्वार्थ के लिए उसका इस्तेमाल करने वालों को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।
झारखण्ड की जनता ने भाजपा के इस विफल बंद को नकारकर स्पष्ट कर दिया है कि वह उपद्रव और राजनीतिक नौटंकी के बजाय छात्र हितों, लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ खड़ी है।


















































