बहरागोड़ा: बहरागोड़ा के भूतिया सारंगी बांध में गुरुवार को मत्स्य विभाग ने 75 हज़ार फिंगर साइज की रोहू, कतला और ग्रास कार्प मछली का जीरा छोड़ा। इस पहल का उद्देश्य सरकार द्वारा गठित मत्स्यजीवी सहयोग समिति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और सदस्यों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
इस अवसर पर स्थानीय मुखिया विधान चंद्र मंडी और वार्ड सदस्य खेला राम मंडी ने मिलकर तालाब में मछली का जीरा छोड़ा। मुखिया मंडी ने कहा कि यह कदम समिति को आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने और ग्रामीणों को आजीविका कमाने में मदद करेगा।
मंडी ने मत्स्य समिति को निर्देश दिया कि छोड़े गए जीरे की उचित देखभाल की जाए और समय-समय पर उनकी वृद्धि (ग्रोथ) की जाँच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तालाब में मछली का विकास सही तरीके से हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
इस तरह के कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य समिति के सदस्यों को स्वावलंबी बनाना है। जिला पदाधिकारी ने भी समिति को ग्रामीण क्षेत्रों में नई समितियाँ बनाने और अधिक लोगों को इस कार्य से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण आत्मनिर्भर बन सकें और अपनी आय बढ़ा सकें।