
चाईबासा : जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पश्चिम सिंहभूम ने एक अहम फैसले में एएसएल मोटर्स और इसके सब-डीलर को उपभोक्ता को 2 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि कंपनी द्वारा उपभोक्ता को बुक किए गए मॉडल से अलग वाहन की डिलीवरी की गई तथा गाड़ी में जंग और री-पेंटिंग जैसी खामियां पाई गईं, जो अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) का उदाहरण है। यह मामला चाईबासा के पुलहाटू निवासी दीपक कुमार ठाकुर ने दायर किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्होंने 06 दिसंबर 2023 को टाटा नेक्सॉन स्मार्ट + S(P) मॉडल की कार की बुकिंग की थी, लेकिन उन्हें पुरानी और पेंट की हुई गाड़ी दी गई जिसमें दरवाजों पर जंग, पेंट छूटने और गियर की समस्या पाई गई। शिकायतकर्ता ने लगभग 19.86 लाख का मुआवजा का दावा किया था। आयोग ने सबूतों, फोटोग्राफ्स और गवाहों के बयान के आधार पर पाया कि डीलर और सब-डीलर ने उपभोक्ता को अलग मॉडल की गाड़ी दी और बिक्री से पहले वाहन को पेंट किया गया, जो उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। आय़ोग ने एएसएल मोटर्स (आदित्यपुर) और एएसएल मोटर्स (चाईबासा) को संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता को 2 लाख की क्षतिपूर्ति 45 दिनों के भीतर करने का आदेश दिया. तय समय पर भुगतान नहीं करने पर 9% वार्षिक ब्याज भी अतिरिक्त देना होगा।
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