
रांची: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश जन्मोत्सव मनाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल, सोमवार, स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में हुआ था। इस बार गणेश चतुर्थी बुधवार, 26 अगस्त को पड़ रही है, जो स्वयं ही बुध ग्रह का शुभ दिन माना जाता है।
गणेश चतुर्थी का समय
गणेश चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर 1:54 बजे से शुरू होकर 27 अगस्त को दोपहर 3:44 बजे तक रहेगी।
पूजन और स्थापना के लिए प्रमुख चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- अमृत मुहूर्त: सुबह 7:33 से 9:09 बजे तक
- शुभ मुहूर्त: सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 बजे तक
- संध्या मुहूर्त: शाम 6:48 से 7:55 बजे तक
इन समयों पर स्थापना और पूजन करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
घर की तैयारी और सजावट
गणपति आगमन से पहले घर की साफ-सफाई और सजावट जरूरी है। मुख्य द्वार और मंदिर को फूलों व बंदनवार से सजाएं। स्थापना स्थल पर पीला या लाल वस्त्र बिछाकर अक्षत रखें और कुमकुम से स्वस्तिक व हल्दी की चार बिंदियां बनाएं।
गणपति प्रतिमा का चयन
- प्रतिमा हमेशा बैठी हुई हो।
- साथ में वाहन चूहा, रिद्धि-सिद्धि और लड्डू का थाल होना शुभ माना जाता है।
- मूर्ति सफेद या सिंदूरी रंग की हो और सूंड बाईं ओर हो।
- प्रतिमा खरीदते समय मोलभाव न करें, बल्कि श्रद्धा से दक्षिणा देकर घर लाएं।
- प्रतिमा को घर लाते समय द्वार पर आरती उतारें और मंगल गीत गाते हुए स्थापना करें।
पूजन विधि
स्थापना के बाद धूप, दीप, नैवेद्य और फूल अर्पित करके आरती करें। परिवार के सभी सदस्य मिलकर गणपति बप्पा के जयकारे लगाएं। मान्यता है कि इस विधि से घर के सभी विघ्न दूर होते हैं और समृद्धि आती है।
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