सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल और सिक्किम में लगातार हो रही तेज बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में भूस्खलन, बाढ़ और पुल टूटने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
दार्जिलिंग जिले के मिरिक और सुकियापोखरी इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ है। मिरिक में एक ही जगह हुए लैंडस्लाइड में 6 लोगों की जान चली गई। सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात ठप है। दार्जिलिंग और सिक्किम के बीच का संपर्क भी टूट गया है।
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मिरिक और कुर्सियांग को जोड़ने वाला दूधिया आयरन ब्रिज बारिश की तीव्रता नहीं झेल सका और ढह गया। इसके साथ ही सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग स्टेट हाईवे-12 पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन दल राहत-बचाव में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश से काम मुश्किल हो गया है।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले 12 घंटों से लगातार बारिश ने पूरे उत्तर बंगाल को प्रभावित किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ममता सोमवार को उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ने भी हादसे पर दुख जताया और केंद्र की ओर से मदद का आश्वासन दिया।
बालासन नदी पर दूधिया स्थित लोहे का पुल बह जाने से सिलीगुड़ी और मिरिक का संपर्क टूट गया। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और आसपास के गांवों में दहशत है। वहीं, पेडोंग और रिशिखोला के बीच नेशनल हाईवे-717E भी भूस्खलन से बंद है। एनएच-110 पर हुसैन खोला और कर्सियांग के पास भी मलबा जमा है।
कालिम्पोंग जिले में कई सड़कों पर भूस्खलन हुआ है और संचार सेवाएं प्रभावित हैं। जलपाईगुड़ी और डुआर्स क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी भर गया है। महानंदा नदी का तटबंध टूटने से राजगंज के कई घर और खेत जलमग्न हो गए हैं।
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मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। तीस्ता और माल नदी उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पूर्वोत्तर सीमा रेलवे ने भारी बारिश और ट्रैक पर पानी भरने के कारण कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया है। अलीपुरद्वार, सिलीगुड़ी और कूचबिहार मार्ग की कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। यात्रियों से कहा गया है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लें।
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मिरिक, जोरबंगलो और फालाकाटा सबसे अधिक प्रभावित हैं और कार्यकर्ता राहत कार्य में जुटें।
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बारिश से सिलीगुड़ी और डुआर्स का संपर्क टूट गया है। उन्होंने मुख्य सचिव से तुरंत राहत और नेटवर्क बहाली की मांग की।
बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मृतकों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि पार्टी कार्यकर्ता मदद में जुटे हैं। दार्जिलिंग सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि आपदा में स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे का साथ देकर एकता की मिसाल पेश की है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी झारखंड, दक्षिण बिहार और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैले निम्न दबाव के कारण अगले 24 घंटे भारी बारिश का खतरा है। मुर्शिदाबाद और बीरभूम जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है।
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