जमशेदपुर: बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाड़ाबासा में 16 फरवरी को हुए फरसा हमला कांड के मुख्य आरोपियों में से एक सुमित कुमार को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। सुमित पिछले लगभग नौ माह से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद की गई कार्रवाई के तहत हुई है।
घटना का विवरण
घटना की प्राथमिकी अजीत सिंह चंद्रवंशी ने बागबेड़ा थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सुमित समेत कई लोग घर में घुस आए और फरसा व अन्य हथियारों से हमला किया। इस हमले में अजीत सिंह के सिर पर 22 टांके लगे और उनकी पत्नी सुमन देवी के सिर पर 12 टांके लगाए गए।
घटना के दिन सुमित के मामा लालबाबू चंद्रवंशी ने भी हमला किया था। बाद में लालबाबू को कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
सुमित पर दर्ज गंभीर मामले
सुमित कुमार के खिलाफ बागबेड़ा थाना क्षेत्र में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या के प्रयास, लूटपाट और मारपीट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मामले में सुमित के नाना रास बिहारी रवानी पर भी हमला करने का आरोप है। शिकायत में कहा गया कि रास बिहारी ने सुमन देवी के सिर पर लोहे के चिमटे से वार किया था। रास बिहारी अब भी फरार है।
अन्य आरोपियों की तलाश
पूरा मामला आठ लोगों के खिलाफ दर्ज नामजद प्राथमिकी के तहत चल रहा है। इनमें से कुछ आरोपी जेल जा चुके हैं, जबकि कुछ को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।














































