जमशेदपुर: ICAI (द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) की सीआईआरसी जमशेदपुर शाखा द्वारा शुक्रवार को साकची स्थित होटल ‘दे हमराय’ में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. विषय था – “संहिता – सिद्धांतों के साथ आचरण का सामंजस्य”. इस संगोष्ठी का उद्देश्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बदलते कर कानून, वित्तीय रिपोर्टिंग और नैतिकता के समन्वय की दिशा में जागरूक और मार्गदर्शित करना था.
आयकर विधेयक 2025 और आचार संहिता पर विशेषज्ञों की राय
सेमिनार में तीन अहम पहलुओं पर विमर्श हुआ – आयकर विधेयक 2025, गैर-कॉर्पोरेट संस्थाओं के वित्तीय विवरण और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की आचार संहिता.सीए नवीन खेमका ने आयकर विधेयक 2025 में प्रस्तावित परिवर्तनों का विश्लेषण किया और इनका छोटे व गैर-कॉर्पोरेट संस्थानों पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी.सीए सना बकाई ने पेशेवर नैतिकता, ईमानदारी और आचार संहिता पर गहराई से प्रकाश डाला.
सत्रों का संचालन और संगठन
संगोष्ठी के सत्रों की अध्यक्षता सीए जगदीश खंडेलवाल और सीए गोपाल हरलालका ने की.
कार्यक्रम की शुरुआत शाखा अध्यक्ष सीए कौशलेंद्र दास के स्वागत भाषण से हुई. मंच का संचालन शाखा सचिव सीए ऋषि अरोड़ा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सीए चेतन अग्रवाल ने प्रस्तुत किया.
सीए आनंद अग्रवाल, योगेश शर्मा और मुकुंद केडिया ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया.
व्यापक सहभागिता और संवेदनशील श्रद्धांजलि
इस संगोष्ठी में जमशेदपुर के लगभग 150 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया.
सत्र की शुरुआत में पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया.
वरिष्ठ सीए सदस्यों की गरिमामयी भागीदारी
कार्यक्रम में दिलीप गोलछा, राजेश अग्रवाल, आनंद हरनाथका, पी.एन. शंगारी, मनीष केडिया, आदित्य जाजोदिया, धीरज प्रसाद, बिशन अग्रवाल, अजय गुप्ता, किशन चौधरी, सतबीर भाटिया, सन्नी जैन, मुकेश अग्रवाल, सरोज कांत झा, गोविंद अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही.
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