रांची: झारखंड राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक सह भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता जय प्रकाश पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत फ्रंटलाइन महिला कार्यकर्ताओं की सराहना पर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि केवल सराहना से नहीं, बल्कि हक देने से ही यह अभियान सफल हो सकता है। पांडेय ने कहा, “भूखे भजन न होय गोपाला”, आज देशभर में लगभग 28 लाख आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं कुपोषित बच्चों के लिए दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन स्वयं आर्थिक व पोषण संकट से जूझ रही हैं।
पांडेय ने कहा कि जब तक इन सेविकाओं को राज्यकर्मी या राष्ट्रकर्मी का दर्जा और वेतनमान, ग्रेच्युटी तथा अन्य सुविधाएं नहीं दी जातीं, तब तक ‘विकसित भारत 2047’ का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार इन आदेशों को लागू करे।
संघ के संयोजक ने कहा कि “कुपोषण मिटाने वाली सेविकाएं स्वयं कुपोषण का शिकार हैं”, यह राष्ट्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि न्यायालयों के निर्देशों के अनुसार आंगनवाड़ी सेविकाओं को सम्मानजनक वेतनमान और दर्जा दिया जाए, ताकि वे सशक्त होकर देश के विकास में योगदान दे सकें।
अंत में पांडेय ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया तो संघ राज्यभर में आंदोलन को तेज करेगा।
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