चाईबासा: स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में जुटे माओवादी और सुरक्षा बलों के बीच बुधवार सुबह कोल्हान क्षेत्र में भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें भाकपा (माओवादी) का एरिया कमांडर अरुण उर्फ वरुण उर्फ निलेश मदकम मारा गया। मृतक सुकमा (छत्तीसगढ़) के कोन्टा थाना क्षेत्र का निवासी था।
गुप्त सूचना पर संयुक्त अभियान
12 अगस्त को झारखंड पुलिस और कोबरा 209 बटालियन को सूचना मिली कि माओवादी शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन और उनके दस्ता के कई कमांडर कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय हैं और बड़ी साजिश रच रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद संयुक्त बलों ने 13 अगस्त सुबह 6 बजे गोईलकेरा थाना क्षेत्र के दुगुनिया, पोसैता और तुम्बागाड़ा के जंगली-पहाड़ी इलाकों में सर्च अभियान शुरू किया।
मुठभेड़ और बरामदगी
जंगल में माओवादियों ने सुरक्षा बलों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई, जिसके बाद भारी दबाव में नक्सली भाग निकले। तलाशी के दौरान अरुण मदकम का शव मिला। मौके से एक एसएलआर रायफल, कारतूस और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई।
कई मामलों में वांछित था अरुण मदकम
अरुण मदकम पर हत्या, अपहरण, पुलिस पर हमला, विस्फोटक अधिनियम और UAPA के तहत कई मामले दर्ज थे। वह गोईलकेरा, सोनुवा और टोंटो थानों में 2019 से 2023 के बीच हुई नक्सली घटनाओं में वांछित था।
चाईबासा पुलिस और कोबरा बल का नक्सल विरोधी अभियान फिलहाल जारी है। अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है।
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