नई दिल्ली: छह दशकों तक भारतीय वायुसेना की सेवा करने वाले मिग-21 लड़ाकू विमानों की आखिरी उड़ान शुक्रवार को होगी। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह इन विमानों को अंतिम बार उड़ाएंगे। इस खास अवसर पर स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा भी शामिल होंगी और मिग-21 उड़ाने वाली आखिरी महिला पायलट बनकर इतिहास रचेंगी।
भव्य समारोह
चंडीगढ़ में आयोजित इस भव्य समारोह में मिग-21 जेट विमान को औपचारिक फ्लाईपास्ट और डीकमीशनिंग के जरिए सेवामुक्त किया जाएगा। मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे, वहीं चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख और वायुसेना के छह पूर्व प्रमुख भी मौजूद रहेंगे। फ्लाईपास्ट में भाग लेने वाले 23 स्क्वाड्रन के छह मिग-21 विमानों को उतरते ही वाटर कैनन से सलामी दी जाएगी।
मिग-21 का परिचालन इतिहास
मिग-21 ने 1960 के दशक से भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े में अहम भूमिका निभाई। 1981 में वायुसेना प्रमुख बने एयर मार्शल दिलबाग सिंह ने 1963 में पहली मिग-21 स्क्वाड्रन का नेतृत्व किया। 18-19 अगस्त को राजस्थान के बीकानेर में इन विमानों ने अपनी अंतिम परिचालन उड़ान भरी थी।
युद्धों में अहम योगदान
मिग-21 ने पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभाई। 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट हवाई हमलों में भी इन विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, लंबे समय में कई दुर्घटनाओं के कारण इसके सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल भी उठते रहे।
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