
जमशेदपुर: जिले के सभी प्रखंडों में विशेष रूप से वंचित जनजातीय समूहों (PVTG – Particularly Vulnerable Tribal Groups) की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, सरकारी योजनाओं की पहुंच और उनकी प्राथमिक आवश्यकताओं का आकलन करने हेतु ‘प्रोजेक्ट उत्थान’ के अंतर्गत एक व्यापक सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है. इसी क्रम में महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के सभागार में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह सर्वेक्षण आपके लिए न केवल एक शैक्षणिक अभ्यास है, बल्कि सामाजिक सरोकार से जुड़ने का भी अवसर है. उन्होंने कहा कि छात्राएं इस कार्य को केवल एक डेटा संग्रह की प्रक्रिया न मानें, बल्कि इसे एक नैतिक जिम्मेदारी समझकर निष्पक्ष और सच्ची रिपोर्टिंग करें, ताकि प्रशासन ठोस कार्ययोजना बनाकर उचित निर्णय ले सके.
इस सर्वेक्षण में महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर की राजनीति शास्त्र, भूगोल, इतिहास और अर्थशास्त्र संकाय की कुल 104 छात्राएं (रिजर्व सहित) शामिल होंगी. ये छात्राएं प्रखंडवार क्षेत्र में जाकर PVTG परिवारों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगी और उनके जीवन की जमीनी सच्चाई को समझने का प्रयास करेंगी.
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी समस्या को देखकर आंखें मूंद लेना समाधान नहीं है. यदि हम सच्चाई से आंख मिलाते हुए समस्या को समझने का प्रयास करेंगे, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होगा. उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे साक्षात्कार और अवलोकन करते समय लोगों के अनुभवों को संजीदगी से समझें और उसकी गहराई को प्रशासन तक पहुँचाएं.
उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने कहा कि यह सर्वेक्षण सरकार की योजनाओं की पहुंच और प्रभावशीलता का आकलन करने का माध्यम है. इसका अंतिम उद्देश्य यह है कि भविष्य में PVTG समुदाय के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाएं, वे वास्तविक आंकड़ों और ज़मीनी आवश्यकताओं के आधार पर हों, ताकि नीतियां उद्देश्यपूर्ण और परिणामोन्मुखी बन सकें.
कार्यशाला में जिला योजना पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. उन्होंने भी छात्राओं को मार्गदर्शन दिया और इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेने की अपील की.
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