देवघर: देवघर में बसों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही. यह हड़ताल शहर के पुराना मीना बाजार स्थित निजी बस स्टैंड को बाघमारा स्थित आईएसबीटी में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में 10 अप्रैल से शुरू हुई है. हड़ताल की वजह से यात्रियों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
हर दिन करीब 20 हज़ार यात्री प्रभावित
नए बस स्टैंड से फिलहाल सिर्फ सुल्तानगंज रूट की बसें चल रही हैं. शेष सभी प्रमुख रूटों – जैसे दुमका, गोड्डा, भागलपुर, मधुपुर, गिरिडीह, रांची और पटना – की बसें पूरी तरह से बंद हैं. जिससे प्रतिदिन लगभग 20 हज़ार यात्रियों को परेशानी हो रही है. बासुकीनाथ जाने वाले श्रद्धालु सबसे अधिक परेशान हैं. हड़ताल के कारण उस रूट पर बस सेवा बंद है, जिससे उन्हें टेंपो और ई-रिक्शा में दोगुना-तिगुना किराया देना पड़ रहा है.
150 से अधिक बसें ठप, यात्री भटकते रहे
पुराने बस स्टैंड से प्रतिदिन खुलने और पहुंचने वाली करीब 150 बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है. सोमवार सुबह से ही यात्री बसों की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए. कई यात्रियों को मजबूरन निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा.
बस मालिकों का विरोध, हाईकोर्ट में पीआईएल
देवघर बस एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेशानंद झा ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि बस स्टैंड स्थानांतरण के विरोध में हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है. उन्होंने मांग की कि जब तक न्यायालय का निर्णय नहीं आ जाता, तब तक पुरानी व्यवस्था को बहाल रखा जाए. उनका तर्क है कि बाघमारा आईएसबीटी शहर से दूर है, जिससे यात्रियों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा.
प्रशासन की दलील – सुविधा और विकास के लिए जरूरी बदलाव
वहीं उपायुक्त विशाल सागर ने कहा कि बाघमारा आईएसबीटी से सोमवार को भी बसों का परिचालन सुबह से रात तक सुचारू रूप से जारी रहा. उनका कहना है कि नया बस स्टैंड न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देगा.
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