चाईबासा: चाईबासा जिला बार एसोसिएशन परिसर में आज स्वर्गीय सीताराम रूंगटा की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई. इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें स्मरण किया. आयोजन का वातावरण भावनात्मक श्रद्धा से भर गया था.
‘नगर पिता’ के रूप में थी पहचान
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद ने सीताराम रूंगटा जी के जीवन और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि स्व. रूंगटा को ‘नगर पिता’ के नाम से जाना जाता था. उनके द्वारा स्थापित औद्योगिक संस्थान न केवल झारखंड में बल्कि देशभर में ‘रूंगटा’ नाम से प्रतिष्ठित हैं.
उनके दो पुत्र — नंदलाल रूंगटा और मुकुंद रूंगटा, उनकी विरासत को आज भी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं. बार एसोसिएशन ने यह स्पष्ट किया कि रूंगटा परिवार द्वारा संस्था के हित में किए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की उपस्थिति
इस अवसर पर अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही. प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
झारखंड स्टेट बार काउंसिल सदस्य अनिल महतो
उपाध्यक्ष केसर परवेज
पूर्व सचिव आशीष कुमार सिन्हा
वरिष्ठ अधिवक्ता निखिलेश्वर प्रसाद बक्शी
अधिवक्ता अंकुर कुमार चौधरी, अमर बक्शी, हरीश शांडिल, दुर्योधन गोप, सुभाष चंद्र मिश्रा, अभिषेक पांडे, अरुण कुमार, राजेश नाग, रमेश चौबे, अली हैदर, अनिल सुंडी, श्याम कुमार राम, सूरज समद, बैद्यनाथ आयकत, रघुनाथ लमाई, नरेश सुंडी
युवा अधिवक्ता व समाजसेवी अमित आयकत, प्रणब दरिपा, संयोगिता बिरुआ, संगीता सेंडिल, सरस्वती दास, किरण बोईपाई आदि.
स्मृति से सशक्त होता है समर्पण
इस तरह के आयोजन अधिवक्ता समुदाय को उनके पूर्वजों के योगदान की याद दिलाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं. बार एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की कि स्वर्गीय रूंगटा जी के आदर्श सदैव अधिवक्ता समाज को प्रेरित करते रहेंगे.
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