
गुवा: बोकना सत्संग विहार में श्री-श्री ठाकुर अनुकूल चंद के भक्तों का मासिक सत्संग उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर दीक्षा समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं को चेतना शक्ति बढ़ाने तथा परमात्मा से सीधा संपर्क स्थापित करने का मार्गदर्शन दिया गया। दीक्षा के पश्चात सभी ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। सत्संगी ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अनुकूल चंद्र जी के भाव को प्रत्येक घर-घर तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उनके भाव के अनुसार ही घर-घर में भगवान श्रीराम रूपी धर्म की स्थापना करनी होगी तथा रावण रूपी अधर्म का नाश करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्साहपूर्वक कार्य करना चाहिए, क्योंकि भगवान श्रीराम की भावना हमें सही मार्ग दिखाती है। वर्तमान जीवन का उद्देश्य ही जीवन नाथ की भक्ति है। ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर ने यह भी कहा कि व्यवहार में परिवर्तन से मनुष्य का भाव बदल सकता है और ईश्वर का नाम प्राप्ति मानव जीवन की परम सार्थकता है। ठाकुर जी द्वारा प्रदत्त मार्ग का अनुसरण हर सत्संगी के लिए आवश्यक है।
सत्संगी यज्ञ और मानव कल्याण का संदेश
सत्संगी सुबोध बड़ाईक ने कहा कि मनुष्य का अंतिम गंतव्य ईश्वर प्राप्ति है। सत्संगी यज्ञ एवं यज्ञ कर्म का महत्व समझते हुए उन्होंने सभी को इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, सत्संगी बचन मिश्रा ने बताया कि ईश्वर के आदेश का पालन करने वाला तथा जन कल्याण के कार्य करने वाला व्यक्ति सदैव ईश्वर से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि मानव शरीर अत्यंत सौभाग्यशाली उपहार है, इसलिए प्रत्येक मानव को समाज सेवा एवं जन कल्याण के कार्यों में भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सत्संग उप योजना केंद्र खोलने की खुशी व्यक्त की गई और सभी सत्संगियों को इस नई पहल में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। बोकना विहार मंदिर के विकास एवं सुसज्जित करने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
महिलाओं की भागीदारी से हुआ कार्यक्रम प्रभावशाली
कार्यक्रम में मातृ मंडली की उपस्थित ने चार चाँद लगा दिए। महिलाओं ने श्री-श्री ठाकुर अनुकूल चंद के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए मंदिर के विकास में सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सह-ऋत्विक ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर, सुबोध बड़ाईक, पुरुषोतम महतो, बचन मिश्रा, शीतेश बहादुर, भगवान सिंकू, शशि भूषण ठाकुर, शिवेश ठाकुर, रूपेश जायसवाल, मिठु दा, रामजीवन बेहरा, करण प्रजापति, शशिकांत पोद्दार, गोपाल नाग सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं मातृ मंडली की माताएँ-बहनों ने हिस्सा लिया।
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