जमशेदपुर: आज दोपहर 1:00 बजे, उपायुक्त की अनुपस्थिति में उपविकास आयुक्त (DDC) अनिकेत सचान ने कंवाई चालक संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनका ज्ञापन प्राप्त किया. संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले 15 महीनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक न टाटा मोटर्स प्रबंधन और न ही जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया है.
क्या टाटा मोटर्स और प्रशासन ने निभाई अपनी ज़िम्मेदारी?
कंवाई चालक संगठन का आरोप है कि टाटा मोटर्स की कंवाई व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को वे लगातार उजागर करते आ रहे हैं. धरना-प्रदर्शन के माध्यम से संगठन ने न केवल कंपनी की व्यवस्था की सच्चाई सामने रखी, बल्कि प्रशासन की निष्क्रियता को भी रेखांकित किया. प्रतिनिधिमंडल को सुनने के बाद उपविकास आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि माननीय उपायुक्त इस विषय पर शीघ्र पहल करेंगे और कंवाई चालकों को न्याय दिलाने की दिशा में सार्थक प्रयास होंगे. संगठन ने भी प्रशासन से अपने आवेदन पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया.
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से ज्ञान सागर प्रसाद, हरिशंकर प्रसाद, त्रिलोकी चौधरी, धर्मेंद्र प्रसाद, रामचंद्र राव, वीरेंद्र पाठक और त्रिलोचन सिंह शामिल थे. सभी ने संयुक्त रूप से प्रशासन से निष्पक्ष और न्यायोचित कार्रवाई की माँग की.
15 महीनों से धरने पर डटे इन चालक मजदूरों की आंखें अब उपायुक्त की पहल पर टिकी हैं. क्या जिला प्रशासन और टाटा मोटर्स इन श्रमिकों की आवाज़ को सुनेंगे? क्या मिलेगा इन्हें उनका हक़?
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur: मलेरिया रोकथाम के लिए जनता जद (यू) जिलाध्यक्ष ने सिविल सर्जन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की
There is no ads to display, Please add some



















































