जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों को बिना पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति के प्लस टू स्तर पर अपग्रेड किया जा रहा है. जिले के 9 हाई स्कूलों को इंटरमीडिएट कक्षा तक अपग्रेड किया गया है, लेकिन पिछले दो वर्षों से इनमें शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है.
अब जब डिग्री कॉलेजों में 12वीं की पढ़ाई बंद कर दी गई है, तो इन स्कूलों में नामांकन तीन गुना बढ़ गया है. पहले जहां केवल सीमित विद्यार्थी आते थे, अब लगभग हर स्कूल में 250 से 300 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है. इनमें आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स – तीनों स्ट्रीम के छात्र शामिल हैं.
शिक्षकों की कमी को देखते हुए कुछ स्कूलों ने समाज के अनुभवी और उत्साही लोगों से मदद लेनी शुरू कर दी है. पूर्वी सिंहभूम के दो स्कूलों – बाराद्वारी पीपल्स अकादमी और टाटा वर्कर्स यूनियन प्लस टू स्कूल – में रिटायर्ड शिक्षक और पूर्व छात्र निशुल्क सेवा दे रहे हैं.
पीपल्स अकादमी में एलबीएसएम कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. बीएन प्रसाद अगस्त महीने से निशुल्क गणित पढ़ाएंगे. इसके साथ ही कॉमर्स विषय के लिए भी एक शिक्षक पहले से स्वेच्छा से सेवा दे रहे हैं.
टाटा वर्कर्स यूनियन स्कूल में स्कूल के ही पूर्व छात्र विशाल कुमार पिछले कुछ वर्षों से गणित पढ़ा रहे हैं. वहीं, एक छात्रा अपने जूनियर को अंग्रेज़ी पढ़ाने में मदद कर रही है.
पीपल्स अकादमी के प्राचार्य चंद्रदीप पांडे ने बताया कि डॉ. बीएन प्रसाद अगस्त से नियमित कक्षाएं लेंगे. उनके अनुभव से बच्चों को न केवल शैक्षणिक लाभ मिलेगा, बल्कि प्रेरणा भी. यह एक समाजिक मॉडल बन सकता है, जहां सेवानिवृत्त शिक्षकों और जागरूक नागरिकों की भूमिका से सरकारी शिक्षा को मजबूती दी जा सकती है.
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