
पश्चिम सिंहभूम: जिला उपभोक्ता आयोग, पश्चिम सिंहभूम ने सहारा इंडिया (चाईबासा शाखा) और हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड को संयुक्त रूप से एक निवेशक को ₹4,66,000 लौटाने का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता नागेंद्र कुमार (निवासी — न्यू कॉलोनी, तुंगरी) ने 2 लाख रुपये “F64 गोल्डन डबल” योजना में लगाए थे। योजना के अनुसार 7 जनवरी 2022 को मच्योरिटी पर 4 लाख रुपये मिलने थे, साथ ही 3% “ग्रैटिट्यूड कूपन” के 6,000 रुपये भी तय थे।
अदालत का सख्त रुख
समय पर भुगतान न मिलने पर नागेंद्र कुमार ने मामला दर्ज किया। आयोग ने माना कि सहकारी सोसाइटी की यह कार्रवाई सेवा में कमी, अनुचित व्यापार व्यवहार और विश्वासघात है।
आदेश के तहत देनी होगी यह रकम
दोनों प्रतिवादियों को 45 दिनों में संयुक्त रूप से चुकाना होगा:
₹4,00,000 — मच्योरिटी राशि
₹6,000 — ग्रैटिट्यूड कूपन
₹50,000 — मानसिक और आर्थिक क्षति मुआवजा
₹10,000 — वाद व्यय
कुल: ₹4,66,000
यदि 45 दिन में भुगतान नहीं हुआ तो 9% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
आयोग ने स्पष्ट किया कि “हमारा इंडिया” सहकारी सोसाइटी, सहारा समूह का हिस्सा है, इसलिए दोनों ही पक्ष बराबर जिम्मेदार हैं।
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