खड़गपुर: पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जज कोर्ट में दो दिवसीय ऑनलाइन ई-फाइलिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। यह कदम अदालतों को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन मेदिनीपुर जज कोर्ट के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। स्थानीय लॉ क्लर्क और वकील उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में शामिल हुए। मास्टर ट्रेनर बादल दास और सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर सौगत भुइयां ने प्रतिभागियों को ई-फाइलिंग की पूरी प्रक्रिया और तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। जिला जज कोर्ट की रजिस्ट्रार डोलमा शेरपा की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
यह प्रशिक्षण पश्चिम बंगाल न्यायिक अकादमी और कलकत्ता उच्च न्यायालय की संयुक्त पहल पर आयोजित किया गया, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य अदालतों में फाइलिंग, दस्तावेज़ प्रबंधन और सुनवाई प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करना है। इससे समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी न्याय तक पहुंच आसान होगी।
प्रतिभागियों ने बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम होने का अवसर मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि ई-कोर्ट परियोजना के तहत ऐसी पहलों से न्याय व्यवस्था और अधिक कुशल और नागरिक-मैत्रीपूर्ण बनेगी। मेदिनीपुर जज कोर्ट के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थानीय स्तर पर ई-फाइलिंग को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा।
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