जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार दोपहर हुए भयानक सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला दिया। जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर दोपहर करीब 3:30 बजे एक एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक ही परिवार के 5 सदस्यों सहित 20 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग झुलस गए। घायलों को जोधपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बस में करीब 40 लोग सवार थे। हादसा इतना भयावह था कि कई शव बस की बॉडी से चिपक गए और कुछ की पहचान भी मुश्किल हो गई।
जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं।
एम्बुलेंस बनी परेशानी, रास्ते में डीजल भरवाने का आरोप
हादसे के घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर भेजा गया, लेकिन एम्बुलेंस सेवा की बदहाली ने सभी को निराश किया। घायलों के परिजनों ने बताया कि कई एम्बुलेंस की हालत बेहद खराब थी। एक परिजन ने आरोप लगाया कि मरीज को लादने के बाद ड्राइवर ने पहले डीजल भरवाया और फिर ओटीपी आने का इंतजार किया। रफ्तार इतनी धीमी थी कि एम्बुलेंस की लाइट भी काम नहीं कर रही थी। परिजनों ने अपनी कार की टेल लाइट से एम्बुलेंस को रास्ता दिखाया, ताकि मरीज सुरक्षित अस्पताल पहुंच सकें। घायलों के परिजन अब एम्बुलेंस सेवा की गुणवत्ता सुधारने की मांग कर रहे हैं।
बस नई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था फेल
हादसे का शिकार हुई बस केके ट्रैवल्स की थी, जिसे 1 अक्टूबर 2025 को ही रजिस्टर किया गया था। 9 अक्टूबर को इसका ऑल इंडिया परमिट जारी हुआ और मंगलवार को यह बस सिर्फ चौथे फेरे पर थी। इतनी नई बस का जलकर खाक हो जाना कई सवाल खड़े करता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस में न तो इमरजेंसी एग्जिट गेट था और न ही विंडो तोड़ने के हैमर। यात्रियों के फंस जाने की वजह से मौतों का आंकड़ा बढ़ गया।
धमाके की गूंज और पटाखों की आशंका
शुरुआत में माना गया कि बस में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, लेकिन बाद में यह भी कहा गया कि एसी का कम्प्रेशर फट गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार बस की डिक्की में पटाखे रखे गए थे, जिससे धमाका हुआ और आग तेजी से फैल गई।
ग्रीन कॉरिडोर से जोधपुर भेजे गए घायल
घायलों को सेना, पुलिस और प्रशासन की मदद से तैयार किए गए 275 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर से जोधपुर भेजा गया। इस दौरान एक बुजुर्ग की रास्ते में ही मौत हो गई।
प्री-वेडिंग शूट से लौट रहा जोड़ा, बाल-बाल बचा
हादसे में घायल आशीष दवे अपनी मंगेतर के साथ जैसलमेर में प्री-वेडिंग शूट के बाद लौट रहे थे।दोनों बस के आगे बैठे थे, इसलिए समय रहते बाहर निकल पाए। हालांकि, आशीष की आंखों की रोशनी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। उनकी शादी अगले महीने 11 नवंबर को होनी थी।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक, घोषित की सहायता राशि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपए तथा घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। पीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जैसलमेर हादसे से मन व्यथित है। शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ।”
सुरक्षा लापरवाही पर उठे सवाल
नई बस में इमरजेंसी इंतजाम न होना, एम्बुलेंस सेवाओं की लापरवाही और परिवहन विभाग की निगरानी में कमी अब जांच के दायरे में है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जैसलमेर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।