गुवा : गुवा खदान क्षेत्र में ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान और श्रेणी निर्धारण को लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच विवाद सामने आया है। जिनको लेकर 21 अप्रैल मंगलवार को एलसी ऑफिस चाईबासा में हुई कार्यवाही में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय ने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदार श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं दे रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा
यूनियन ने यह भी मुद्दा उठाया कि कई श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप मजदूरी नहीं मिल रही है। उदाहरण देते हुए बताया गया कि एक इलेक्ट्रीशियन को अर्ध-कुशल श्रेणी की मजदूरी दी जा रही है, जबकि वह कुशल श्रेणी का कार्य कर रहा है। इसी तरह पंप ऑपरेटर, लोडिंग ऑपरेटर और रसोइयों के मामले भी सामने रखे गए, जिनमें श्रमिकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप श्रेणी नहीं दी जा रही है।
वहीं प्रबंधन की ओर से एजीएम (एचआर) चंदन घोष ने इन आरोपों को प्रणालीगत अनियमितता मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सामान्यतः श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख से पहले वेतन भुगतान कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में देरी की शिकायतों की जांच करने की बात कही गई। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यूनियन द्वारा उठाए गए मामलों की सत्यता जांचने के लिए विस्तृत अभिलेखों, कार्य विवरण और ठेकेदार-वार जानकारी का परीक्षण आवश्यक है।
इसके लिए प्रबंधन ने समय मांगा है। प्राधिकरण ने प्रबंधन को निर्देश दिया है कि अगली तिथि तक सभी मामलों की ठेकेदार-वार और श्रमिक-वार रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। फिलहाल मामले की प्रारंभिक जांच जारी है और अगली सुनवाई की तिथि जल्द घोषित की जाएगी। इस दौरान इस मौके पर संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे, चंद्रिका खण्डाईत,कमल मोदी,बेहरा पान, संजय ठाकुर,गोविंदा पान, राजेश शेरु, शादाब खान,निरल, विक्की, विक्रम, रवि सहित अन्य मौजूद थे।
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