गुवा : किरीबुरू के मुर्गापाड़ा निवासी समर प्रसाद (20 वर्ष), पिता स्वर्गीय संजय प्रसाद ने रविवार दोपहर करीब 2:45 बजे अपने चाचा विनोद प्रसाद के सेल प्रबंधन आवास में गमछे के सहारे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार समर पिछले तीन महीने से मानसिक बीमारी का उपचार रांची स्थित रिनपास अस्पताल में करा रहा था। इलाज के बाद उसकी स्थिति में काफी सुधार भी देखा जा रहा था। बताया गया कि घटना के समय उसके चाचा विनोद प्रसाद वाहन का टायर बनवाने हिलटॉप गए हुए थे। घर में केवल चाची और समर मौजूद थे। चाची के अनुसार समर ने नहाने की बात कहकर उनसे कपड़े और गमछा मांगा। कपड़े देने के बाद वह पड़ोस में चली गईं। इसी बीच समर ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर पंखे से गमछे के सहारे फंदा लगा लिया।कुछ देर बाद आवाज सुनकर पड़ोसी और परिजन मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा गया। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। तत्काल उसे सेल अस्पताल, किरीबुरू ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि समर के माता-पिता का कई वर्ष पूर्व निधन हो चुका था। इसके बाद उसके चाचा-चाची ने उसे अपने पुत्र की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया और उसकी हर जरूरत का ध्यान रखा। मानसिक बीमारी के इलाज के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की पड़ताल कर रही है। समर की असामयिक मौत से मुर्गापाड़ा एवं आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि चाचा-चाची ने समर के पालन-पोषण और इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। ऐसे में उसका यह कदम पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद और हैरान करने वाला है।


















































