करम गोसांय की पूजा कर ग्रामीणों ने मांगी सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना
जादूगोड़ा : यूसिल के तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट से सटे तालसा गांव में गोम्हा पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर ग्राम आखड़ा में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम गोसांय की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों ने सामूहिक रूप से पारंपरिक रिंझा नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से पूरा गांव झूम उठा और देर तक उत्सव के रंग में सराबोर रहा।
माझी बाबा दुर्गा प्रसाद मुर्मू ने बताया कि गोम्हा पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और कृषि संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर करम गोसांय की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। ग्राम आखड़ा में करम की डाली को परंपरागत विधि-विधान के साथ स्थापित कर पूजा की जाती है। पर्व के दौरान प्रत्येक घर में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जिसका ग्रामीण सामूहिक रूप से आनंद लेते हैं।
उन्होंने बताया कि गोम्हा पर्व के अवसर पर गांव की सभी महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग आखड़ा में एकत्र होकर करम गोसांय को प्रसन्न करने के लिए पारंपरिक रिंझा नृत्य में शामिल होते हैं। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सामाजिक एकजुटता और कृषि जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
माझी बाबा ने कहा कि कृषि कार्य के प्रथम चरण के समाप्त होने के बाद करम गोसांय की पूजा कर ग्रामीण खेतों में रोपे गए धान की अच्छी पैदावार की कामना करते हैं। इसके साथ ही खेतों में फसलों को पर्याप्त पानी मिलने, गांव-समाज के लोगों के निरोग रहने तथा परिवारों में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की जाती है।
बूढ़ी करम के साथ होगा पर्व का समापन
गोम्हा पर्व का समापन शनिवार को बूढ़ी करम के साथ होगा। करम गोसांय की पूजा-अर्चना के दौरान आखड़ा में माझी बाबा दुर्गा चरण मुर्मू, नायके बाबा हबीराम मुर्मू, कुडाम नायके भगवान टुडू, जोगमाझी सोमय बेसरा, रघुनाथ टुडू, डोमन मुर्मू, कारु टुडू, बाबुलाल मुर्मू एवं वीरेश हेंब्रम समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
पर्व के दौरान पारंपरिक पूजा, नृत्य और सामूहिक सहभागिता ने तालसा गांव की आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत की। ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाते हुए आने वाले कृषि वर्ष में अच्छी फसल और गांव में सुख-शांति की कामना की।
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