जमशेदपुर : प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को तेलुगु भाषा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस तेलुगु भाषा के विकास और उसे बोलचाल की सरल भाषा के रूप में स्थापित करने वाले महान बहुभाषाविद, इतिहासकार, पौराणिक तेलुगु विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी एवं कवि गिडुगु वेंकट राममूर्ति पंतुलु की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
तेलुगु भाषा लंबे समय तक मुख्य रूप से ग्रंथिक शैली में लिखी जाती थी, जिसका प्रयोग धार्मिक एवं ऐतिहासिक पुस्तकों में अधिक होता था। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में जन्मे गिडुगु वेंकट राममूर्ति पंतुलु ने इस जटिल ग्रंथिक शैली को सरल बनाकर बोलचाल की तेलुगु भाषा को साहित्यिक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके भाषा संबंधी उत्कृष्ट योगदान को सम्मान देने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने वर्ष 1966 में उनकी जयंती 29 अगस्त को तेलुगु भाषा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।
चूंकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों प्रमुख तेलुगु भाषी राज्य हैं, इसलिए वहां इस दिवस का विशेष महत्व है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी तेलुगु भाषी लोग भी अपनी कर्मभूमि पर तेलुगु भाषा दिवस उत्साहपूर्वक मनाते हैं। जमशेदपुर में भी विभिन्न तेलुगु सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
जमशेदपुर में भी तेलुगु भाषा का व्यापक प्रभाव
आंध्र नाटक साहित्य संघ; डिप्टी प्रेसिडेंट, आंध्र भक्त श्रीराम मंदिरम् एवं अध्यक्ष, आंध्र भक्त कोलाटा समाजम् के ए वेंकटेश्वर राव ने कहा कि जमशेदपुर में क्षेत्रीय बंगला भाषा के बाद तेलुगु भाषा का व्यापक रूप से प्रयोग होता है। बड़ी संख्या में तेलुगु भाषी परिवार लंबे समय से शहर में रह रहे हैं और अपनी भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत बनाए हुए हैं। तेलुगु भाषा देश की प्रमुख भारतीय भाषाओं में शामिल है और बड़ी संख्या में लोग इसे अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में मातृभाषाओं और भारतीय भाषाओं को सम्मान एवं प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है। ऐसे में तेलुगु भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तेलुगु माध्यम के विद्यालयों में सरकारी स्तर पर तेलुगु शिक्षकों की नियुक्ति की दिशा में भी पहल होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि टीईटी (TET) परीक्षा में तेलुगु भाषा को भी शामिल किया जाए, ताकि तेलुगु माध्यम के विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो सके। यह समस्त तेलुगु भाषा प्रेमियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है, जिसे सरकार को पूरा करना चाहिए। उन्होंने तेलुगु भाषा दिवस पर सभी तेलुगु भाषी समाज एवं भाषा प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए मातृभाषा के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों तक इसके गौरव को पहुंचाने का आह्वान किया।
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