Kharagpur : ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत RPF ने दो नाबालिग को सुरक्षित बचाया, मेदिनीपुर चाइल्ड लाइन को सौंपा 

खड़गपुर : बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए खड़गपुर रेल मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अलग-अलग घटनाओं में रेलवे परिसर में अकेले भटक रहे दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया। दोनों बच्चों को आवश्यक देखभाल और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया।

पहली घटना 31 अगस्त की रात बेलदा रेलवे स्टेशन पर हुई। आरपीएफ कर्मियों ने रात करीब 9.55 बजे ट्रेन संख्या 68007 हावड़ा-जलेश्वर लोकल में एक 10 वर्षीय बालक को अकेले घूमते देखा। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि मां के साथ विवाद होने के बाद वह घर छोड़कर चला आया था। एक यात्री ने आरपीएफ को बताया कि बालक को बालिचक स्टेशन से ही ट्रेन में यात्रा करते देखा गया था।

आरपीएफ कर्मियों ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसे आरपीएफ पोस्ट हिजली लाया गया। वहां किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत उसकी उचित देखभाल की गई। मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन, पश्चिम मेदिनीपुर को दी गई। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को आगे की कार्रवाई के लिए खड़गपुर स्थित चाइल्ड हेल्प डेस्क के हवाले कर दिया गया।

वहीं दूसरी घटना 1 सितंबर की तड़के करीब एक बजे गोकुलपुर रेलवे स्टेशन पर हुई। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आरपीएफ कर्मियों ने एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को अकेले घूमते देखा। पूछताछ में उसने बताया कि परिवार के एक सदस्य के साथ विवाद के बाद वह घर छोड़कर चली आई थी। हालांकि वह अपने माता-पिता अथवा परिवार के संपर्क नंबरों की पूरी जानकारी नहीं दे सकी।

आरपीएफ ने लड़की को ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत सुरक्षित बचाया और उसे आरपीएफ पोस्ट मेदिनीपुर लाया गया। वहां बाल हितैषी वातावरण में उसकी काउंसलिंग की गई। बाद में चाइल्ड हेल्पलाइन, पश्चिम मेदिनीपुर को सूचना दी गई और आगे की कार्रवाई के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया।

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, दोनों घटनाएं रेलवे परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बल की सतर्कता और संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाती हैं। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के माध्यम से खड़गपुर रेल मंडल की आरपीएफ लगातार रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में असहाय, भटके हुए अथवा जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

इसे भी पढ़ें : Kharagpur : रेल सेवा पुरस्कार के तहत दपूरे खड़गपुर मंडल के विभिन्न विभागों को मिला इफिशिएंसी शील्ड


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