जमशेदपुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से शनिवार को लोक अदालत हॉल में वाहन दुर्घटना दावा (एमएसीटी) को लेकर जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में जिले के विभिन्न थाने में पदस्थापित अधिकृत पुलिस पदाधिकारी, एलएडीसी व पीएलवी मौजूद रहे. कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 सह एमएसीटी के स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश कनकन पट्टदार एवं विशिष्ठ अतिथियों में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 आनंद मणि त्रिपाठी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-3 नीति कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-4 नमिता चंद्रा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के अलावे अधिवक्ता सतेन्द्र कुमार सिंह एवं सुनील कुमार स्वाईं मौजूद रहे. कार्यशाला में मौजूद पुलिस पदाधिकारियों को मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम (बीएनएस) में वर्णित प्रावधानों से अवगत कराया गया. साथ ही उन्हें बताया गया कि दुर्घटना होने के बाद जांच की प्रक्रिया का पालन करना बेहद जरूरी है. वक्ताओं ने बताया कि दुर्घटना से जुड़े मामले की रिपोर्ट के लिए अलग-अलग तरह के प्रपत्र तैयार किए गए हैं. जिन्हें भरा जाना अनिवार्य है. जिलास्तर पर इसके सक्षम प्राधिकार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं. लिहाजा एक्सीटेंड इंफोर्मेशन रिपोर्ट (एआईआर) की कॉपी उन्हें समर्पित करना अनिवार्य है. इसके अलावे सक्षम कोर्ट, जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भी इसकी प्रति सौंपी जानी है. जिससे मुआवजा से जुड़ी प्रक्रिया का त्वरित निष्पादन हो सके. वक्ताओं ने जांच अधिकारियों को बीएनएस में वर्णित प्रावधानों के तहत बताया की पूरी जांच प्रक्रिया 60 दिनों में पूरी कर फाइनल रिपोर्ट सक्षम प्राधिकार को समर्पित की जा सके. इससे पहले दीप प्रज्वलित कर एवं नालसा सॉन्ग के साथ कार्यशाला का शुभारंभ किया गया. अंत में सहायक एलएडीसी योगिता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया. राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया.
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