गुवा : चाईबासा और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 20 चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी के बाद अब एक नया और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सारंडा जंगल के दुर्गम इलाकों और नक्सल प्रभावित गांवों में अभी भी दर्जनों चोरी की मोटरसाइकिलें छिपाकर रखी गई हो सकती हैं। हाल ही में बरामद 20 मोटरसाइकिलों में से 15 सिर्फ सारंडा क्षेत्र से मिली हैं, जो इस बात की ओर संकेत करता है कि चोरी के वाहनों को छिपाने और खपाने के लिए इन दूरस्थ इलाकों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस की छापेमारी में छोटानागरा थाना क्षेत्र के टोंटोगाड़ा गांव से 9 और किरीबुरू थाना क्षेत्र के टाटीबा बिरहोर टोला से 6 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। ये दोनों क्षेत्र लंबे समय से दुर्गम और नक्सल प्रभावित माने जाते रहे हैं, जहां पहुंचकर कार्रवाई करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण रहा है। सारंडा के घने जंगल और भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद पुलिस ने जोखिम उठाकर यह अभियान चलाया, जिससे वाहन चोरी के संगठित गिरोह को बड़ा झटका लगा है। इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि कई लोग अनजाने में सस्ते दाम पर चोरी की मोटरसाइकिल खरीद लेते हैं। ऐसे लोगों को डरने की जरूरत नहीं है—यदि वे स्वेच्छा से वाहन थाना में जमा कर देते हैं, तो उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि यह छूट केवल स्वेच्छा से वाहन जमा करने वालों के लिए है। यदि जांच के दौरान किसी के पास चोरी की बाइक बरामद होती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अब पूरे सारंडा क्षेत्र में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। वाहन चोरी गिरोह के अन्य सदस्यों, खरीददारों और छिपाए गए वाहनों के ठिकानों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी बरामदगी हो सकती है। पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि संदिग्ध गतिविधियों या चोरी के वाहनों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
इसे भी पढ़ें : Gua : युवाओं से सामाजिक कार्यों में जुड़ने की अपील, दूबिल गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
















































