Gua : गुवा सेल में लौह अयस्क उत्पादन कार्य में अनियमितता का आरोप, पूर्व विधायक ने मेसर्स राकेश कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ-साथ पूर्व मुख्य महाप्रबंधक कमल भास्कर को भी जांच के कटघरे में लाने की मांग की

गुवा : जगन्नाथपुर विधानसभा के पूर्व विधायक एवं झारखंड बचाओ अभियान के संयोजक मंगल सिंह बोबोंगा ने गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार को मांग पत्र सौंपकर वर्ष 2024-25 में लौह अयस्क उत्पादन कार्य से संबंधित निविदा प्रक्रिया एवं कार्य निष्पादन में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। अपने मांग पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि गुवा आयरन ओर माइंस द्वारा लौह अयस्क उत्पादन के लिए जारी निविदा के तहत एल-1 (न्यूनतम बोलीदाता) होने के कारण मेसर्स राकेश कंस्ट्रक्शन कंपनी को कार्य आवंटित किया गया था ।

निविदा शर्तों के अनुसार लम्प क्रशिंग, स्क्रीनिंग, परिवहन एवं रिक्लेमेशन जैसे कार्य अनिवार्य थे, लेकिन इनमें कई स्तरों पर अनियमितताएं बरती गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि. आरओएम की खुदाई निर्धारित मशीनों से नहीं की गई, लौह अयस्क का परिवहन एवं क्रशिंग कार्य पूर्ण रूप से नहीं किया गया तथा लम्प अयस्क की स्क्रीनिंग प्रक्रिया की भी अवहेलना की गई। इसके अलावा ओवरसाइज लम्प को कंपनी के क्रशर हॉपर तक पहुंचाने के बजाय कहीं और छिपाने का आरोप भी लगाया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित उत्पादन लक्ष्य की तुलना में मशीनों एवं वाहनों की संख्या काफी कम थी, जिससे लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं था। मंगल सिंह बोबोंगा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी कर्मचारियों एवं संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई, कथित 10 से 15 करोड़ रुपये के नुकसान की सत्यता की जांच तथा जांच पूरी होने तक संबंधित कंपनी को कोई नया कार्य आवंटित नहीं करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन किया जाएगा।

वहीं गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और जांच प्रक्रिया जारी है। बताया जाता है गुवा आयरन ओर माइंस द्वारा लौह अयस्क उत्पादन के लिए जारी निविदा सेल गुवा चिड़िया के पूर्व महाप्रबंधक कमल भास्कर के कार्यकाल में निकाली गई थी। अतएव उन्होंने घोटाले का प्रमुख आरोपी वर्तमान ई.डी बन गुमनामी के दुनिया में छिपें होने के कारण बचे है।

मामले मे पूर्व मुख्य महाप्रबंधक कमल भास्कर की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध एवं घोटाले में अन्तलिप्तता की पुष्टि कर रहा है।मामले के तहत एल-1 (न्यूनतम बोलीदाता) होने के कारण मेसर्स राकेश कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ साथ पूर्व मुख्य महाप्रबंधक कमल भास्कर को भी जाँच के कटघरे में लाने से सच्चाई का खुलासा होगा।

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