चांडिल: इस बार का छठ महापर्व एक परिवार के लिए अभिशाप साबित हुआ. स्वर्णरखा के शहरबेड़ा घाट पर संध्या अर्घ्य के दौरान एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. घाट पर डूबे तीसरे युवक प्रतीक यादव (19) का शव भी आज मंगलवार को बरामद कर लिया गया. स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रतीक के शव को आखिरकार ढूंढ निकाला। जिसके परिजनों में चीख-पुकार मच गई.
घटना सोमवार शाम की है, जब संध्या अर्घ्य के दौरान आर्यन यादव (10) नहाते समय गहरे पानी में चला गया. उसे बचाने के लिए उसके मामा संजय यादव और ममेरे भाई प्रतीक यादव ने भी छलांग लगा दी. तीनों को डूबता देख घाट पर मौजूद एक पुलिस जवान ने भी नदी में छलांग लगाई, मगर तेज़ बहाव के कारण सभी असफल रहे.
घटना के बाद उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और एनडीआरएफ एवं स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. सोमवार देर शाम आर्यन का शव मिला, मंगलवार सुबह संजय यादव का शव एनडीआरएफ टीम ने बरामद किया, जबकि दोपहर में प्रतीक का शव भी खोज लिया गया. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया है.
बताया जा रहा है कि संजय यादव आदित्यपुर रायडीह बस्ती के ही रहने वाले थे, जो अपनी बहन के घर मानगो छठ मनाने आए थे. इस घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया है.
रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे चांडिल एसडीओ विकास कुमार राय ने घटना पर गहरी संवेदना जताई. उन्होंने कहा – “पूरे जिले में आस्था के इस पर्व पर कहीं और अप्रिय घटना नहीं हुई. लेकिन शहरबेड़ा घाट पर हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद है. डेंजर ज़ोन का बोर्ड लगा था, फिर भी श्रद्धालु वहां पहुंचे. प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी।”
घटना स्थल को प्रशासन ने पहले से ही डेंजर ज़ोन घोषित कर रखा था, बावजूद इसके लोग वहां पूजा करने पहुंचे थे. इस लापरवाही ने पूरे परिवार की खुशियाँ छीन लीं. यह घटना श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी और सीख लेकर आई है.
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