झारग्राम : गोपीबल्लभपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने बीती रात गोपीबल्लभपुर में डेरा डाला और शुक्रवार सुबह से फिर से खदानों पर छापेमारी शुरू की।
सबसे पहले ईडी अधिकारियों ने गोपीबल्लभपुर-2 के महापाल और बलिया गांव स्थित रेत खदानों का निरीक्षण किया, जहां मापी की प्रक्रिया की गई। इसके बाद टीम गोपीबल्लभपुर-1 के दाहमुंडा इलाके में भी पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खदानों में जमा रेत का स्टॉक अरुण सराफ से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सौरव रॉय नामक व्यक्ति फर्जी सर्कल ऑफिसर (सीओ) बनकर इस अवैध रेत कारोबार को संचालित कर रहा था। ईडी अब इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की तहकीकात में जुट गई है।
जांच एजेंसी को जब्त किए गए दस्तावेजों से ऐसे प्रमाण मिले हैं कि अवैध रेत कारोबार से अर्जित धन का हिस्सा कई राजनीतिक दलों के नेताओं और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा था। ईडी अब उन सभी व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जिन्होंने इस गैरकानूनी कारोबार को संरक्षण या मदद दी थी।
ईडी की इस कार्रवाई से झारग्राम और आसपास के इलाकों में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई नामचीन चेहरों से पूछताछ हो सकती है।