पोटका: सेल्फ एक्शन प्रोजेक्ट के अंतर्गत सामाजिक संस्था “युवा” एवं क्रिया सेल्फ लीडर और ट्रेनर के सहयोग से नवदीपनगर, हल्दीपोखर में एक जागरूकता आधारित नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
नाटक का विषय था — लड़कियों को शिक्षा और जीवन में चयन का अधिकार।
संवादक श्रुति सरदार ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बताया कि आज भी कई लड़कियाँ सामाजिक दबाव, घरेलू जिम्मेदारियों और जल्दी शादी की वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पातीं।
नाटक में पार्वती नामक पात्र की कहानी दिखाई गई — एक ऐसी लड़की जो पढ़ना चाहती है, पर परिवार की पुरानी सोच और समाज की रीतियाँ उसके रास्ते में दीवार बन जाती हैं।
नाटक ने पितृसत्तात्मक मानसिकता पर सवाल उठाते हुए दर्शाया कि शिक्षा और आज़ादी हर लड़की का अधिकार है। संवादों के माध्यम से यह बताया गया कि बेटियों को भी अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए, न कि उन्हें सामाजिक तानों और जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा दिया जाए।
नाटक में भाग लेने वाली किशोरियाँ थीं — किरण सरदार, रीना सरदार, स्मृति सरदार, मानिक सरदार, श्रुति सरदार और अंजली।
सभी ने अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया और समाज को सोचने पर मजबूर किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में ट्रेनर कापरा माझी और संस्था “युवा” के कार्यकर्ता अरूप मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के अंत में समुदाय के लोगों ने इस पहल की सराहना की और बेटियों की शिक्षा व चयन के अधिकार को समर्थन देने का संकल्प लिया।