झाड़ग्राम : तीन साल से अटकी प्रक्रिया आखिरकार पूरी हुई और गोपीबल्लभपुर-II ब्लॉक के छोटा आसनबनी गांव के एक किसान परिवार को “कृषक बंधु” योजना के तहत 2 लाख रुपये की मृत्यु सहायता मिल गई। यह संभव हुआ झाड़ग्राम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हस्तक्षेप से।
किसान निर्मल मांडी का करीब तीन वर्ष पहले गंभीर बीमारी से निधन हो गया था। योजना के नियम अनुसार, 60 वर्ष से कम उम्र में मृत्यु होने पर परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता मिलती है। लेकिन जमीन के कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड के अभाव में उनका मामला लंबे समय तक अटका रहा।
बार-बार प्रयास के बाद भी समाधान न मिलने पर मृतक के बेटे परिमल मांडी ने “अधिकार मित्र” रीता दास दत्ता से संपर्क किया। उनके माध्यम से मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचा, जहां प्री-लिटिगेशन केस दर्ज कर संबंधित अधिकारी को नोटिस भेजा गया।
दूसरी सुनवाई में ही जमीन का कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड तैयार कर दिया गया। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी हुई और राशि जारी कर दी गई। परिमल ने बताया कि 25 फरवरी को ही 2 लाख रुपये की सहायता परिवार के खातों में जमा हो गई—जिसमें 1 लाख रुपये उनकी मां को और 50-50 हजार रुपये दोनों भाइयों को मिले। उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता मिलने से उनकी तीन साल पुरानी समस्या का समाधान हुआ और परिवार को उसका अधिकार मिल सका।



















































