gangster murder : पटना में गैंगवार,अस्पताल में घुसकर अपराधियों ने गैंगस्टर चंदन मिश्रा को गोलियों से भूना 

जेल से पैरोल पर बाहर आया था और पटना के प्राइवेट अस्पताल में करा रहा था इलाज

पटना : पटना के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में शूमार पारस अस्पताल में गुरुवार को कई अपराधी हथियार से लैश होकर घुसे और एक मरीज को ताबड़तोड़ गोली मार दी. जिस शख्स पर हमला किया गया वह बक्सर का रहने वाला चंदन मिश्रा था. चंदन मिश्रा एक दर्जन से अधिक हत्या के मामले में आरोपित रहा. जेल से वह पैरोल पर बाहर आया था और पटना के इस प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहा था. पटना एसएसपी ने बताया कि संभवत: गैंगवार में ही उसपर हमला हुआ है. चंदन मिश्रा पर हमला हुआ तो बक्सर का वो चर्चित हत्याकांड फिर से जिंदा हुआ है जिसमें चूना व्यापारी राजेंद्र केसरी की हत्या हुई थी. चंदन मिश्रा भी इस हत्याकांड में आरोपी था.

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बक्सर के चूना कारोबारी राजेंद्र केसरी हत्याकांड का था आरोपी

21 अगस्त 2011 को बक्सर में रंगदारी नहीं देने पर चूना कारोबारी राजेंद्र केसरी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस हत्याकांड में मृतक के परिजनों के द्वारा कुख्यात अपराधी शेरू सिंह और चंदन मिश्रा समेत कुछ अन्य आरोपित बनाए गए थे और इनपर मुकदमा दर्ज हुआ था. चंदन मिश्रा और शेरू बंगाल से गिरफ्तार हुए थे. शेरू को जब कोर्ट में पेश किया गया था और जज फैसला सुना रहे तो मौका देखकर शेरू ने कोर्ट में ही एक पुलिसकर्मी की हत्या गोली मारकर कर दी थी और फरार हो गया था. बाद में उसे आरा पुलिस ने पकड़ा था. जिला अदालत ने ओंकारनाथ सिंह उर्फ शेरू को फांसी की सजा सुना दी थी. हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने फांसी पर रोक लगा दी थी. वहीं इसी हत्याकांड में चंदन मिश्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी थी.

जेलकर्मी हत्याकांड में भी रहा आरोपी, बाद में बरी हुआ

इससे पहले 2011 में ही 4 मई को धोबीघाट के पास एक जेलकर्मी हैदर इमाम वर्सी की हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में भी चंदन मिश्रा और शेरू सिंह आरोपित थे. इस केस में जेलर ने बयान दिया था कि फोन के जरिए पूर्व में दोनों ने जान से मारने की धमकी दी थी. लेकिन कोर्ट में यह साबित नहीं हो सका. जिसके बाद दोनों को बरी कर दिया गया था. हालांकि अन्य मामलों के कारण वो जेल में ही रहे.

शेरू-चंदन गिरोह का आतंक रहा, बक्सर से भागलपुर जेल भेजे गए दोनों

शेरू और चंदन ने 2009 से 2012 के बीच करीब डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था. शेरू-चंदन गिरोह का आतंक उनकी गिरफ्तारी के बाद भी खत्म नहीं हुआ. जेल के अंदर रहकर भी चंदन मिश्रा कई हत्या की घटना को अंजाम दिलवाता रहा. विधानसभा चुनाव के समय शेरू और चंदन मिश्रा को अगस्त 2015 में बक्सर सेंट्रल जेल से भागलपुर जेल में शिफ्ट किया गया था. सुरक्षा और चुनाव को देखते हुए उसे अवधि खत्म होने के बाद भी वहीं रखा गया. ताकि वो वोटरों पर दबंगई दिखाकर उन्हें प्रभावित नहीं कर सके.

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